बक्सर, 30 जुलाई (विक्रांत) विभिन्न जन मुद्दों और छात्र-युवा हितों को लेकर आयोजित विरोध कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार और भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार अपने किए गए वादों से लगातार मुकरती रही है और जनहित के मुद्दों पर प्रशासन पर आवश्यक दबाव बनाए रखना समय की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पालीगंज विधायक संदीप सौरभ के खिलाफ नीट आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे को तत्काल वापस लिया जाए।

उनका आरोप था कि यह मामला राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराया गया। इसके साथ ही नगरनौसा के सभी आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, आंदोलनकारियों की तस्वीर और लुकआउट नोटिस जारी करने पर सरकार से सार्वजनिक माफी मांगने तथा आंदोलन के दौरान कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई। सभा में यह भी मांग उठी कि पुलिस की गोली या लाठीचार्ज में घायल सभी आंदोलनकारियों को उचित मुआवजा दिया जाए।
वक्ताओं ने बिहार के विश्वविद्यालयों में 300 प्रतिशत फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने, ऑनर्स में नामांकन के लिए 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करने, शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने तथा प्राइवेट विश्वविद्यालय अधिनियम वापस लेने की मांग दोहराई। इसके अलावा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, सभी रिक्त सरकारी पदों पर अविलंब बहाली करने और डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों से अलग करने वाले प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने की भी मांग की गई।

वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्र-युवा, किसान और आम जनता के मुद्दों पर संघर्ष लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ओम जी, धर्मेंद्र यादव, राजदेव सिंह, अखिलेश ठाकुर, ललन राम, कन्हैया पासवान, अरविंद यादव, रिंकू कुरैशी, महफूज, कुश भगवान, अभय पांडे, पूजा, संध्या, शिवजी राय, ऊषा देवी, शंकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।














