समस्तीपुर, 06 अगस्त ( हर्षिता “अश्क”) जिले में खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति को स्थायी बनाए रखने और स्वच्छता अभियान को नई गति देने के उद्देश्य से ऋतिका इंटरनेशनल में जिला जल एवं स्वच्छता समिति, यूनिसेफ एवं WADS फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण एवं प्रमुख हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के करीब 100 अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त (डीडीसी), डीआरडीए निदेशक, यूनिसेफ के वॉश विशेषज्ञ डॉ. प्रभाकर सिन्हा तथा WADS फाउंडेशन के निदेशक शशि भूषण पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधकों, पीएचईडी अधिकारियों, प्रखंड समन्वयकों तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान ODF Sustainability, ODF Plus, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शौचालय निर्माण, रेट्रोफिटिंग, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM), व्यवहार परिवर्तन संचार तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रतिभागियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन, वीडियो, तकनीकी सत्र और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से स्वच्छता से जुड़ी नई तकनीकों और प्रभावी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त अभियान है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास कर ODF की उपलब्धियों को स्थायी बनाए रखने और हर परिवार तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। वहीं उप विकास आयुक्त ने गुणवत्तापूर्ण कार्य, नियमित अनुश्रवण और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।

यूनिसेफ के डॉ. प्रभाकर सिन्हा और WADS फाउंडेशन के निदेशक शशि भूषण पांडेय ने स्वच्छता अभियान में तकनीकी गुणवत्ता, व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक भागीदारी की अहम भूमिका बताई। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के जिला समन्वयक हसनैन अनवर ने जिले में चल रही कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। अंत में प्रतिभागियों ने कार्यशाला को स्वच्छ और स्वस्थ समस्तीपुर की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।














