बक्सर, 26 जुलाई (विक्रांत) आगामी श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बुधवार, 23 जुलाई 2026 को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला एवं पुलिस अधीक्षक श्री शुभम आर्य की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, शांति समिति के सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए मेले के बेहतर संचालन को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिला पदाधिकारी ने नगर परिषद बक्सर एवं डुमराँव के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेला प्रारंभ होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों की व्यापक साफ-सफाई कराई जाए तथा चूना एवं ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अग्निशमन एवं स्वास्थ्य विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश भी दिया। प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष श्रावण माह 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा। प्रथम सोमवारी 3 अगस्त, द्वितीय 10 अगस्त, तृतीय 17 अगस्त तथा चतुर्थ सोमवारी 24 अगस्त को पड़ेगी।

इन अवसरों पर बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं एवं कांवरियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष सुरक्षा एवं सुविधाओं की व्यापक योजना तैयार की जा रही है। अनुमंडल पदाधिकारी, डुमराँव को संपूर्ण कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में विद्युत विभाग को कांवर यात्रा मार्गों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा ढीले और खुले विद्युत तारों की तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया। वहीं लोक स्वास्थ्य प्रमंडल एवं नगर निकायों को पेयजल, स्वच्छता, जलनिकासी, मार्गों की मरम्मत तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

सिविल सर्जन को सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में एम्बुलेंस, चिकित्सकों और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेले के दौरान सभी प्रमुख चौक-चौराहों, कांवर मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करेगा, ताकि आस्था के इस महापर्व का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।













