पटना, 30 अक्टूबर (अविनाश कुमार) बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर आए चुनाव परिणामों के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सभी विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए इसे बिहार की राजनीति में बदलाव का संकेत बताया है। उन्होंने राजद के विजयी उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार और अनिल झा को विशेष शुभकामनाएं दीं। साथ ही मतदाताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शिक्षित समाज ने एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना स्पष्ट संदेश दिया है। तेजस्वी यादव ने बयान जारी कर कहा कि दशकों बाद राजद के उम्मीदवारों की जीत पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मिले जनसमर्थन से स्पष्ट है कि शिक्षित वर्ग सरकार की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, सत्ता का दुरुपयोग, शिक्षकों और युवाओं के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई तथा जनविरोधी नीतियों के कारण लोगों में नाराजगी है। राजद नेता ने कहा कि एनडीए सरकार ने समाज के सभी वर्गों के साथ अन्याय किया है। उनका आरोप है कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और धर्म-आस्था के मुद्दों को उछालकर जनता का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे बुनियादी सवालों से भटकाया जा रहा है। सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर भी उन्होंने सवाल उठाए।तेजस्वी ने विधानसभा चुनाव के बाद भोजपुर स्थानीय प्राधिकार उपचुनाव और मौजूदा विधान परिषद चुनावों में एनडीए को मिली हार का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परिणाम कई सवाल खड़े करते हैं।

उन्होंने विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के पीछे मनी, मशीन और प्रशासनिक तंत्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। तेजस्वी ने कहा कि शिक्षकों, स्नातकों और युवाओं की समस्याओं की अनदेखी अब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चुनाव में समर्थन देने वाले मतदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह परिणाम बिहार में बदलाव की नई राजनीतिक बहस को जन्म देगा। उनके बयान के बाद प्रदेश में सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के आसार हैं।













