पटना, 26 अगस्त (अविनाश कुमार) रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार सरकार महिलाओं और छात्राओं के लिए तीन बड़ी सौगात देने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन नई पहलों का लोकार्पण करेंगे। योजनाओं का फोकस छात्राओं की सुरक्षा, उच्च शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की पहल भी शुरू की गई है। स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पुलिस दीदी यानी अभया ब्रिगेड को 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई जाएंगी। इन वाहनों से जरूरत पड़ने पर छात्राओं तक पुलिस की पहुंच तेज होगी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री बालिका PHd फेलोशिप योजना शुरू होगी। इसके तहत करीब 1,000 योग्य छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित छात्राओं को चार वर्षों तक प्रत्येक माह 10 हजार रुपये की फेलोशिप देने का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को दूर कर छात्राओं को शोध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज’ शुरू किया जाएगा। इसके तहत पात्र महिलाओं को कारोबार या स्टार्टअप शुरू करने के लिए 50 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इधर, सात निश्चय-3 के तहत मुख्यमंत्री ने वैशाली के बिदुपुर स्थित बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का उद्घाटन किया।

यहां विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा, छात्रावास, पेयजल, शौचालय, कैंटीन समेत अन्य समस्याओं की शिकायतें सुनी जाएंगी। तय कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक महीने के चौथे मंगलवार को शिविर आयोजित होगा। इससे छात्रों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान की उम्मीद बढ़ी है।












