नई दिल्ली, 15 मई (अशोक “अश्क”) देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक ओर समुद्री तटीय राज्यों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है, तो दूसरी ओर उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों को लेकर कई राज्यों में सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर दक्षिण और तटीय भारत में साफ दिखाई देगा।

तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में बिजली चमकने और तूफानी गतिविधियों को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि तटीय क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान झमाझम बारिश लोगों को गर्मी से राहत दे सकती है, लेकिन तेज हवाएं और समुद्री हलचल मछुआरों तथा समुद्र तटीय क्षेत्रों के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। उधर, देश के गैर-तटीय हिस्सों में मौसम पूरी तरह अलग रंग दिखा सकता है।

महाराष्ट्र, गुजरात और विदर्भ क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे लू का असर और तेज होगा। हालांकि कुछ इलाकों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन इससे गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम के इस दोहरे मिजाज ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कहीं लोग बारिश और तूफान से बचाव की तैयारी कर रहे हैं, तो कहीं गर्मी और लू से राहत पाने के उपाय खोजे जा रहे हैं।
















