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महिलाओं के हाथों में रोजगार की कमान: भू-भैरव पंचायत में खुला जीविका सुधा बिक्री केंद्र, 205 पंचायतों तक पहुंचेगी योजना

सीतामढ़ी, 01 सितंबर (मोहम्मद कलीम) जिले के डुमरा प्रखंड की भू-भैरव पंचायत में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत नए जीविका सुधा बिक्री केंद्र की शुरुआत होने से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। केंद्र का विधिवत उद्घाटन जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने किया। योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।नए बिक्री केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी कमल’ जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी राम सोमारी देवी को सौंपी गई है। केंद्र के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादों की बिक्री का अवसर मिलने के साथ महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डीएम तनय सुल्तानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उनके लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों में उद्यमशीलता की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें उचित बाजार और अवसर उपलब्ध कराने की है। बाजार मिलने पर महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकती हैं।डीएम ने बिक्री केंद्र संचालिका को शुभकामनाएं देते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और बेहतर ग्राहक सेवा सुनिश्चित करने की सलाह दी। उन्होंने केंद्र को सफल बनाने के लिए नियमित और बेहतर संचालन पर जोर दिया।डीपीएम जीविका ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिले की 205 पंचायतों में इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी तथा निर्धन वर्ग की महिलाओं को दुकान या छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराया जाता है।चयनित लाभार्थियों को व्यवसाय संचालन एवं प्रबंधन के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। लाभार्थियों का चयन पारदर्शी कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था के माध्यम से किया जाता है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार का मंच मिलने के साथ आत्मनिर्भर गांव और मजबूत महिला उद्यमिता की दिशा में नई उम्मीद जगी है।

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