समस्तीपुर, 01 अप्रैल (राजेश झा) जिले के महिला महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों की गूंज सुनाई दी। अवकाश के कारण 31 मार्च के बजाय 1 अप्रैल को आयोजित इस कार्यक्रम ने परिसर को भक्तिमय माहौल में बदल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आदित्य चंद्र झा ने की।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, पुष्पांजलि और स्वागत गान के साथ हुई। विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन कुमारी ने स्वागत भाषण में भगवान महावीर के जीवन दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि सच्ची महानता बाहरी शक्ति में नहीं, बल्कि आंतरिक शांति में निहित है।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. झा ने अहिंसा, आत्मसंयम और करुणा को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए महावीर के महाव्रत और अणुव्रत की गहराइयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संयम, सहनशीलता और सह-अस्तित्व को जीवन में अपनाने की अपील की। डॉ. सोनी सलोनी और डॉ. नेहा जायसवाल ने भी महावीर के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य और कर्मप्रधान जीवन—को सभी के लिए प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम का समापन डॉ. संगीता के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।इस अवसर पर अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और छात्राएं उपस्थित रहीं। छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल जीवंत बना दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और बढ़ गया।
















