बक्सर, 14 मई (विक्रांत) सन् 74 के जेपी आंदोलन के सक्रिय सिपाही, चर्चित स्थानीय कवि और रंगकर्मी मदन केशरी उर्फ ‘जीगर’ का गुरुवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही डुमरांव नगर में शोक की लहर दौड़ गई। शहर के राजगोला स्थित पैतृक निवास पर अंतिम दर्शन के लिए नागरिकों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हस्तियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।मदन केशरी हिंदुस्तान अखबार के डुमरांव स्थित पत्रकार अमर नाथ केशरी के बड़े भाई थे। उनके निधन से साहित्य, रंगमंच और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में गहरा दुख देखा गया।

स्थानीय साहित्यकार और रंगकर्मी शंभू शरण नवीन ने कहा कि मदन केशरी केवल कवि हृदय व्यक्ति ही नहीं, बल्कि एक समर्पित रंगकर्मी भी थे, जिन्होंने सामाजिक चेतना जगाने में अहम भूमिका निभाई।भाजपा नेत्री ओम ज्योति भगत ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से धैर्य और साहस प्रदान करने की प्रार्थना की। सामाजिक मंच के प्रदीप शरण श्रीवास्तव, अधिवक्ता राजीव भगत, पत्रकार अरुण विक्रांत, अजय सिंह, अशोक कुमार, रवि शंकर श्रीवास्तव, आलोक सिन्हा और अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव ने भी गहरा शोक व्यक्त किया।

रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव मोहन गुप्ता, पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह, भाजपा नेता सच्चिदानंद भगत, चुनमुन वर्मा, श्याम जी गुप्ता, पूर्व वार्ड पार्षद अमर नाथ जायसवाल, पूर्व चेयरमैन मीरा देवी केशरी, पूर्व पार्षद कृष्णा केशरी तथा गुप्तेश्वर प्रसाद उर्फ गुरु जी ने उनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।इसके अलावा रविंद्र गुप्ता, भरत मिश्रा, दशरथ विद्यार्थी, संजय दयाल, डुमरांव राज परिवार के शिवांग विजय सिंह, डॉ. राजेश कुमार सिंह, बिनोद कुमार गुप्ता, नंद जी सिंह, सूरज जायसवाल, अवकाश प्राप्त श्रम अधिकारी बली बिहारी प्रसाद और कृष्णा प्रसाद सहित बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मदन केशरी के निधन से डुमरांव के साहित्यिक और सामाजिक जगत में गहरा शून्य उत्पन्न हो गया है।


















