दरभंगा, 26 अगस्त (अजय राय) बिहार के प्रसिद्ध मखाना को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने और निर्यात को रफ्तार देने की कवायद तेज हो गई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सफल क्रियान्वयन एवं जिले में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। केंद्र सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव साकेत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मखाना उत्पादन, गुणवत्ता, प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया।

संयुक्त सचिव ने मखाना उत्पादकों और एक्सपोर्टरों से निर्यात के दौरान आने वाली परेशानियों, गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिक से अधिक उत्पादकों को जीआई टैग से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि मखाना की विशिष्ट पहचान और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में जीआई टैग की महत्वपूर्ण भूमिका है। एपीडा की पहल के माध्यम से बिहार से मखाना निर्यात को और बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई।

साकेत कुमार ने कहा कि मखाना अब देश के विभिन्न हिस्सों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है। ऐसे में विदेशी बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पादन, गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और निर्यात की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने मखाना उत्पादों की अंतर













