बेतिया, 22 अगस्त (विनय कुमार गुप्ता) बिहार के बेतिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-727 पर बीती देर रात रफ्तार का कहर देखने को मिला। बेतिया-लौरिया मार्ग पर बसवरिया और पराउटोला के बीच गोरखपुर से बेतिया जा रही तेज रफ्तार शाही बस ने सड़क किनारे खड़े होकर आर्केस्ट्रा देख रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। भीषण हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, एनएच-727 किनारे धर्मेंद्र दुबे के आवास पर छठिहार समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह को लेकर घर के बाहर सड़क किनारे आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम चल रहा था। आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में वहां जुटे हुए थे। इसी दौरान लौरिया की ओर से तेज गति से आ रही शाही बस अनियंत्रित होकर भीड़ में जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

हादसे में दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े रहे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े और राहत-बचाव में जुट गए। पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान तीन और घायलों की मौत हो गई। पांच घायलों का उपचार जारी है। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान संजय महतो, भोला दुबे, बहादुर महतो, देवेंद्र दुबे और छांगुर राम के रूप में हुई है। एक साथ पांच लोगों की मौत से इलाके में मातम पसर गया। समारोह की खुशियां देखते ही देखते चीख-पुकार और करुण क्रंदन में बदल गईं। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना के समय बस की गति कितनी थी और चालक से वाहन पर नियंत्रण कैसे खोया। स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।













