समस्तीपुर, 27 अगस्त (हर्षिता “अश्क”) में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री की ओर से 27 अगस्त 2026 को पटना के बापू सभागार में ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान’ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण समस्तीपुर समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में देखा गया। कार्यक्रम में जिले के अधिकारियों के साथ जीविका से जुड़ी लाभुक महिलाएं भी मौजूद रहीं।इस दौरान ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत बड़ी संख्या में महिला लाभुकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। योजना के अंतर्गत चार लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की प्रथम किस्त के रूप में राशि अंतरित की गई। वहीं एक लाख महिला लाभुकों को 20-20 हजार रुपये की द्वितीय किस्त का भुगतान किया गया।

इसके अलावा जीविका निधि के माध्यम से एक लाख लाभुकों को 10-10 हजार रुपये की दर से ऋण भी उपलब्ध कराया गया।सरकारी पहल के तहत महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता मिलने से उनके स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वित्तीय सहायता का उपयोग महिलाएं छोटे व्यवसाय, घरेलू उद्योग, पशुपालन, कृषि आधारित गतिविधियों सहित स्थानीय स्तर पर रोजगार के विभिन्न साधनों को विकसित करने में कर सकती हैं।समस्तीपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, डीपीएम जीविका विक्रांत कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और जीविका की लाभुक महिलाएं उपस्थित थीं। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार की ओर से संचालित योजनाएं महत्वपूर्ण हैं।

वित्तीय सहायता मिलने से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों से जुड़ने में मदद मिलेगी। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला सशक्तीकरण और रोजगारपरक योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया। कार्यक्रम में शामिल महिला लाभुकों ने सरकार की इस पहल पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मिली आर्थिक सहायता का उपयोग स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने में किया जाएगा। सरकार की इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।














