पटना, 22 मई (अविनाश कुमार) Bihar State Power Transmission Company Limited और REC Power Development and Consultancy Limited के बीच शुक्रवार को इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस बड़े समझौते के साथ बिहार में आधुनिक, मजबूत और भविष्य उन्मुख बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करने की दिशा में नई शुरुआत मानी जा रही है। राज्य सरकार का दावा है कि यह परियोजना बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगी। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि सरकार वर्ष 2025 से 2030 के बीच बिहार में औद्योगिक क्रांति लाने के लक्ष्य पर मिशन मोड में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग की रीढ़ मजबूत बिजली व्यवस्था होती है और यह समझौता राज्य में ऊर्जा आपूर्ति को और सशक्त बनाएगा। ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार बिहार को इतना औद्योगिक रूप से सक्षम बनाना चाहती है कि रोजगार और उद्योग की तलाश में बाहर गए लोग भी वापस लौटकर राज्य में निवेश करें। उनका कहना था कि बेहतर ट्रांसमिशन नेटवर्क से उद्योगों को निर्बाध बिजली मिलेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। ऊर्जा सचिव अजय यादव ने बताया कि इस साझेदारी से पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, लागत नियंत्रण और कार्य दक्षता में भी सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, बीएसपीटीसीएल के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि बिहार में ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए अगले दस वर्षों में राज्यभर में 47 नए ग्रिड उपकेंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बिजली नेटवर्क और मजबूत होगा तथा गांव से लेकर उद्योगों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।













