पटना, 22 अगस्त (अविनाश कुमार) बिहार में इस वर्ष अब तक सामान्य से कम बारिश होने के बावजूद राज्य की प्रमुख नदियों ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। गंगा, सोन, कोसी, गंडक, सरयू और बागमती के लगातार बढ़ते जलस्तर से कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पटना, भोजपुर, बक्सर, सिवान, रोहतास, भागलपुर, बेगूसराय और पश्चिमी चंपारण में नदी किनारे बसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।रोहतास के नौहट्टा क्षेत्र में शुक्रवार को सोन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पहाड़ी नदियों का पानी रोहतास-यदुनाथपुर मुख्य मार्ग पर तीन से चार फीट तक फैल गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।भोजपुर के दियारा में बढ़ी मुश्किलें गंगा का पानी लगातार बढ़ने से शाहपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है।

सहायक नदियों और धाराओं के जरिए पानी खेतों के बाद गांवों की ओर बढ़ रहा है। लक्षुटोला, लालू डेरा, बहोरनपुर, सुहिया और दामोदरपुर पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं। लक्षुटोला के वार्ड 13 और 14 में पानी घरों में प्रवेश करने लगा है। सिवान में सरयू खतरे के निशान से ऊपर दरौली में सरयू का जलस्तर 61.11 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 60.82 मीटर से 29 सेंटीमीटर ऊपर है। सोहागरा, सोनहुला, श्रीकलपुर, गुठनी, बलुआ और तीर बलुआ के निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है।बक्सर में चार दिनों में 4.5 मीटर बढ़ा गंगा का पानी बक्सर में पिछले चार दिनों में गंगा का जलस्तर करीब 4.5 मीटर बढ़ चुका है। शुक्रवार को करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हुई। चौसा के मैदानी क्षेत्रों में भी पानी पहुंचने लगा है।

रामरेखा घाट के विवाह मंडप में पानी घुस गया है, जबकि घाटों पर बैरिकेडिंग कर स्नान पर रोक लगाई गई है। भागलपुर में चेतावनी स्तर से महज 19 सेंटीमीटर नीचे गंगा भागलपुर में शुक्रवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 32.49 मीटर पहुंच गया, जबकि वार्निंग लेवल 32.68 मीटर है। बरारी, रजंदीपुर, फरका, बाबूपुर, घोषपुर और ममलखा के दियारा क्षेत्रों में खेत जलमग्न हो रहे हैं। पश्चिमी चंपारण के रेवहिया गांव में गंडक नदी का कटाव भीषण है। करीब 500 मीटर पक्की सड़क नदी में समा चुकी है। वहीं मुंगेर में संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने नावों की व्यवस्था शुरू कर दी है। नेपाल और मध्य प्रदेश के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश का असर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की निगरानी के बीच प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।













