पटना, 03 अगस्त (अविनाश कुमार) बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार अगले सप्ताह शनिवार को हाफ-डे लागू करने के फैसले पर अंतिम मुहर लगा सकती है। शिक्षा विभाग के उच्च स्तर पर एक-दो दिनों के भीतर होने वाली बैठक के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी होने की संभावना है। आदेश लागू होते ही राज्य के सभी श्रेणी के सरकारी विद्यालयों में शनिवार को आधे दिन तक ही कक्षाएं संचालित होंगी। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप शनिवार को हाफ-डे और बैगलेस-डे की व्यवस्था लागू करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी। कुछ वर्ष पूर्व बिहार में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी, लेकिन अब इसे फिर से लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों पर लगातार पढ़ाई का मानसिक दबाव कम होगा और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अधिक अवसर मिलेगा।नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए वर्ष में कम से कम 10 दिन नो बैग-डे रखने का भी प्रावधान है। इन दिनों बच्चों को किताबों से अलग खेल-कूद, चित्रकला, संगीत, हस्तशिल्प, क्विज और अन्य गतिविधि आधारित कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।फिलहाल बिहार के सरकारी विद्यालयों में शनिवार को बैगलेस-डे की व्यवस्था पहले से लागू है। छात्र बिना बैग के स्कूल पहुंचते हैं और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। अब यदि हाफ-डे का फैसला लागू होता है तो यह व्यवस्था और प्रभावी मानी जा रही है।

गौरतलब है कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में शनिवार को केवल दो से ढाई घंटे की पढ़ाई होती है, जबकि झारखंड के सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों तथा पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में भी शनिवार को हाफ-डे की व्यवस्था पहले से लागू है। ऐसे में बिहार सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।













