पटना , 21 जून (पटना डेस्क) रेलवे यात्रियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव लागू करते हुए रेलवे अधिनियम, 1989 के कई प्रावधानों में संशोधन कर दिए हैं। रेल मंत्रालय की अधिसूचना संख्या एस.ओ. 3255(ई) दिनांक 19 जून 2026 के तहत जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधान प्रभावी हो गए हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद रेलवे ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर अब पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। संशोधित व्यवस्था के तहत कई मामलों में अदालतों द्वारा लगाए जाने वाले जुर्माने की जगह सीधे पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। रेलवे का मानना है कि इससे नियम उल्लंघन के मामलों का तेजी से निपटारा होगा और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ भी सख्ती बढ़ा दी गई है।

अब ऐसे यात्रियों पर लगने वाला न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है। वहीं यदि कोई यात्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट का उपयोग करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसका टिकट जब्त कर लिया जाएगा और उस पर भी न्यूनतम ₹500 का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।रेल परिसरों और ट्रेनों में बिना लाइसेंस फेरी लगाने, सामान बेचने या प्रचार-प्रसार करने वालों पर अब ₹2,000 तक की पेनल्टी लग सकती है। इसके अलावा स्टेशन या यात्री क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश करने वालों से ₹500 तक की पेनल्टी वसूली जाएगी। महिला यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों, सीटों, बर्थ या कक्षों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले पुरुषों के खिलाफ भी कड़े प्रावधान लागू किए हैं।

ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर ₹2,500 तक की पेनल्टी लगाई जाएगी। इसके अलावा नशे की हालत में उपद्रव करने, ट्रेन या स्टेशन परिसर में धूम्रपान करने, रेलवे कर्मचारियों के कार्य में बाधा पहुंचाने, डिब्बों में अवैध प्रवेश करने और प्रतिबंधित या आपत्तिजनक वस्तुओं के परिवहन से जुड़े मामलों में भी नियमों को और सख्त बनाया गया है। विशेष रूप से प्रतिबंधित वस्तुओं को रेलवे में लाने या परिवहन के लिए सौंपने पर न्यूनतम ₹10,000 की पेनल्टी तय की गई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से नए नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासित रेल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
















