बक्सर, 09 अगस्त (विक्रांत) 9 अगस्त साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय आह्वान पर सोमवार को बक्सर में किसानों ने जोरदार विरोध मार्च निकालकर केंद्र और राज्य सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने सरकार पर किसान विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक नीतियां लागू करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। विरोध मार्च का नेतृत्व किसान महासभा के वरिष्ठ नेता अलख नारायण चौधरी, रामदेव मुखिया, बीरेंद्र यादव तथा भाकपा (माले) के जिला सचिव नवीन कुमार ने संयुक्त रूप से किया।

मार्च बक्सर रेलवे स्टेशन परिसर से शुरू होकर कवलदह पोखरा, अंबेडकर चौक होते हुए ज्योति चौक पहुंचा, जहां यह एक जनसभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे “किसानों की गुलामी का दस्तावेज” करार दिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में सेटेलाइट टाउनशिप, टोपो लैंड और लैंड पुलिंग जैसी योजनाओं के नाम पर किसानों की लाखों एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों को आज भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी नहीं मिल रही है और न ही समय पर सस्ती दरों पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इन फैसलों से किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और संघर्ष को तेज करने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में भाकपा (माले) के राज्य कमेटी सदस्य धर्मेंद्र सिंह, संध्या पाल, खेग्रामस के जिला सचिव नारायण दास, जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, जिला कमेटी सदस्य कुश भगवान, आइसा जिला सचिव अखिलेश ठाकुर, आरवाईए नेता दीपू कुमार, कामेश्वर सिंह, सिकंदर चौधरी, त्रिलोकी सिंह, मनोहर सिंह, हीरालाल पासवान, धर्मेंद्र कुमार सिंह, तेजप्रताप सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।














