पटना, 21 अगस्त (अविनाश कुमार) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गरीब परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब मोटरसाइकिल रखने वाले और पांच एकड़ असिंचित अथवा ढाई एकड़ सिंचित भूमि वाले पात्र परिवार भी योजना का लाभ लेकर पक्का मकान बना सकेंगे। यह घोषणा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित समारोह में की, जहां हजारों लाभार्थियों के लिए नई सौगातों का ऐलान किया गया।समारोह में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई मंत्रियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण हुए 2.35 लाख प्रधानमंत्री आवासों के चयनित लाभार्थियों को नए घरों की चाबियां सौंपीं। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को वर्ष 2026-27 के लिए 11 लाख 18 हजार 937 नए आवासों का लक्ष्य पत्र भी सौंपा।

उन्होंने बताया कि इन मकानों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार 13,427 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराएगी।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत मार्च 2027 तक बिहार को 9,402 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद करीब 10,800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। इससे प्रत्येक पंचायत को औसतन 5.84 करोड़ रुपये मिल सकेंगे, जिससे गांवों के विकास को नई गति मिलेगी।उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी गई है। अब सूखा, बाढ़, आग या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने पर किसानों को योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पक्का घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि 1986 से 2014 तक इंदिरा आवास योजना के तहत लगभग 30 लाख मकान बनाए गए, जबकि वर्ष 2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 50 लाख पक्के मकानों का आवंटन किया जा चुका है। पहले जहां औसतन 1.07 लाख घर प्रतिवर्ष बनते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 4.17 लाख घर प्रतिवर्ष हो गया है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित कई मंत्री मौजूद रहे। सरकार ने भरोसा जताया कि इस नई पहल से लाखों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार होगा और ग्रामीण बिहार के विकास को नई दिशा मिलेगी।













