हैदराबाद, 27 अप्रैल (अंकिता राय) पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संघर्ष के बढ़ते तनाव का असर अब भारत में दिखने लगा है। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल-डीजल को लेकर अचानक अफरातफरी मच गई, जिसके बाद रविवार को राज्य के 400 से अधिक पेट्रोल पंप बंद करने पड़े। कई जिलों में ईंधन की कमी और पैनिक बाइंग ने हालात को गंभीर बना दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 4,510 पेट्रोल पंपों में से 421 पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया। इसके बाद लोगों ने अन्य पंपों का रुख किया, जहां लंबी कतारें लग गई।

हालात इतने बिगड़ गए कि कई जगहों पर दोपहिया वाहनों को सिर्फ 2 लीटर और कारों को 10 लीटर पेट्रोल ही दिया जा रहा है। आंध्र प्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां 7,000 लीटर डीजल की बिक्री होती थी, वहीं घबराहट में खरीदारी के कारण यह आंकड़ा 14,000 लीटर तक पहुंच गया है। विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंद्री, कुरनूल और नेल्लोर जैसे शहरों में हालात ज्यादा खराब हैं, जहां लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने के बोर्ड लगाने के बाद ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

यहां तक कि तिरुमाला जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल पर भी परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई। सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों ने लोगों में डर बढ़ा दिया, जिसके चलते पैनिक बाइंग शुरू हो गई। अधिकारियों का कहना है कि कई पंप स्टॉक खत्म होने से नहीं, बल्कि भीड़ नियंत्रित करने के लिए अस्थायी रूप से बंद किए गए। इस बीच मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टरों को तुरंत कार्य योजना लागू करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने मुख्य सचिव जी साई प्रसाद के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा भी की। विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग बाधित होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ेगा। हालांकि केंद्र सरकार ने फिलहाल देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा दिलाया है, लेकिन जमीनी हालात ने चिंता जरूर बढ़ा दी है।

















