बक्सर, 27 अक्टूबर (विक्रांत) श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए बक्सर में मंगलवार को विशेष ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जिले की प्रत्येक पंचायत से एक-एक श्रमिक का चयन कर प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित श्रमिकों के माध्यम से गांव-गांव तक विभागीय योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और श्रमिकों को उनके हक के प्रति जागरूक बनाना है।

27 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) शशिकांत पासवान और श्रम अधीक्षक, बक्सर ने संयुक्त रूप से किया। शिविर में श्रमिकों को विभाग की विभिन्न योजनाओं, उनके अधिकारों, कल्याणकारी प्रावधानों और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देने पर जोर दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों के पंजीकरण, पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ तथा सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें विभागीय सुविधाओं से जोड़ने के उपायों पर भी चर्चा की गई। पंचायत स्तर पर चयनित श्रमिकों को इस उद्देश्य से प्रशिक्षित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के अन्य कामगारों तक महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचा सकें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता शशिकांत पासवान ने कहा कि श्रमिक समाज और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्हें अपने अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की सही जानकारी मिलने से वे अपने हित में योजनाओं का बेहतर लाभ उठा सकेंगे।उन्होंने पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित श्रमिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके माध्यम से विभागीय योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जा सकती है।

इस शिविर को श्रमिकों और विभाग के बीच समन्वय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे ग्रामीण कामगारों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।














