पटना, 17 अगस्त (पटना डेस्क) भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, सीमावर्ती अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और आर्थिक सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीमावर्ती सात जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज—की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीमा पर निगरानी और अपराध नियंत्रण को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए गए।बैठक में बताया गया कि बिहार की 735 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर 194 सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) बीओपी तथा 70 सक्रिय पुलिस थाने सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।

मुख्य सचिव ने सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर 24 घंटे सघन गश्त और निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार सीमावर्ती जिलों से 20,625 किलोग्राम गांजा, 61.85 किलोग्राम चरस, 1,98,656 नशीली गोलियां सहित बड़ी मात्रा में अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। इन मामलों में 1,023 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 42 प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। मुख्य सचिव ने पुलिस और उत्पाद विभाग को नशा तस्करों तथा हथियारों के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में अवैध विदेशी नागरिकों, फर्जी आधार कार्ड, सिमबॉक्स फ्रॉड और साइबर अपराधों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

अब तक 80 अवैध विदेशी नागरिकों पर कार्रवाई, फर्जी आधार के 40 मामले, सिमबॉक्स फ्रॉड के दो और साइबर अपराध के 423 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। आर्थिक अपराध इकाई और जिला पुलिस को संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे नेटवर्क ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए।वित्तीय सुरक्षा की समीक्षा में 1,281 बैंक शाखाओं और उप-निबंधक कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। नकली नोटों की पहचान के लिए 1,429 काउंटरफेइट मनी डिटेक्टर मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। वहीं, व्हाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती 152 गांवों में 256.13 करोड़ की लागत से 1,105 विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा टेलीकॉम कनेक्टिविटी मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए।
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