बक्सर, 30 जुलाई (विक्रांत) बिहार राज्य स्थानीय नगर निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) एवं बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले गुरुवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर पहले ही दिन नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई दिया। सुबह से ही सफाईकर्मी पुराना नगर परिषद कार्यालय पहुंचने लगे और छह बजे तक सभी कर्मचारियों ने कामकाज पूरी तरह ठप कर नगर पालिका बाजार परिसर में धरना शुरू कर दिया।

धरना के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को साझा करते हुए नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, ठेका प्रथा समाप्त करने, आउटसोर्सिंग रद्द करने, एसीपी/एमएसीपी योजना का लाभ, समय पर वेतन, ईएसआईसी कार्ड, बकाया ईपीएफ जमा करने, नियमित चिकित्सीय जांच, वर्दी, सुरक्षा सामग्री तथा सम्मानजनक मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी जैसी मांगों को लेकर नारे लगाए। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) नगर कमेटी सदस्य सर्वेश कुमार पांडेय ने कहा कि यह संघर्ष केवल सफाईकर्मियों का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है।

उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग की व्यवस्था का असर भविष्य में आम नागरिकों पर भी पड़ेगा, इसलिए सभी को इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। महासंघ की नगर इकाई के सचिव शिव शंकर तिवारी ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर हर महीने लगभग 95 लाख रुपये की निकासी होती है, जबकि वास्तविक खर्च 20 लाख रुपये से भी कम होता है। उन्होंने कहा कि शेष राशि कहां खर्च हो रही है, इसका जवाब नगर परिषद को जनता के सामने देना चाहिए। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सभा के बाद सफाईकर्मियों ने तख्तियां और बैनर लेकर नगर पालिका बाजार से गोला रोड होते हुए राजगढ़ चौक तक मार्च निकाला तथा आम नागरिकों को अपनी मांगों से अवगत कराया। कार्यक्रम में शिव शंकर तिवारी, भगवान पासवान, ओम प्रकाश यादव, शमीम मंसूरी, शैलेन्द्र पासवान, बाबूलाल राम, जाबिर कुरैशी, दीपक बास्फोर, संजय सिंह, जितेंद्र राम सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और समर्थक मौजूद रहे।














