दरभंगा, 21 मई (अजय राय) सांसद सह दिशा समिति अध्यक्ष डा. गोपालजी ठाकुर की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन विभिन्न विभागों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार और अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर सांसद ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कई अहम निर्देश जारी किए।पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण, लंबित मामलों और न्यायालय में विचाराधीन मामलों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवनों में सभी विभागीय सेवाओं का संचालन सुनिश्चित हो तथा आम जनता के आवेदन 30 दिनों के भीतर निष्पादित किए जाएं।

साथ ही पंचायत भवनों में डाक विभाग के समन्वय से लेटर बॉक्स लगाने और डाकघर व रेल टिकट सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। बैठक में जिले की सभी सरकारी जमीनों का प्रखंडवार बुकलेट तैयार करने, गौशाला की 46 एकड़ जमीन का भौतिक सत्यापन कराने, 375 तालाबों को जीवंत करने तथा शहर के पुराने नौ जल निकासी चैनलों को अतिक्रमण मुक्त कर सफाई कराने का निर्देश दिया गया।राजस्व विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 1 लाख 43 हजार 731 फार्मर रजिस्ट्री कार्ड बनाए जा चुके हैं। सांसद ने दरभंगा टावर स्थित नेशनल स्कूल को अतिक्रमण मुक्त कराने, सरकारी स्कूलों की जमीन चिन्हित कर चाहरदीवारी निर्माण सुनिश्चित करने और शहर के सभी पोखरों का सर्वे कराने का निर्देश दिया।

बिजली विभाग को कृषि फीडर विकसित करने तथा किरतपुर प्रखंड के पूर्वी कोसी क्षेत्र में नया पावर स्टेशन स्थापित करने की दिशा में कार्रवाई तेज करने को कहा गया। वहीं 374 नलकूपों में से 273 चालू होने की जानकारी दी गई, जिस पर सभी नलकूप चालू कराने का निर्देश जारी हुआ। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने आयुष्मान कार्ड की समस्याओं का त्वरित समाधान, एंबुलेंस सूची उपलब्ध कराने और सभी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया। बिरौल अनुमंडल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में डा. धर्मशीला गुप्ता, मुरारी मोहन झा, राजेश कुमार मंडल, कन्हैया पासवान, मदन यादव, बृजनंदन सहनी, सुमन कुमार सिंह, सोनी पूर्वे, माधव आजाद, सुजीत मल्लिक, देवेंद्र झा, मनोज कुमार, स्वप्निल कुमार, सत्येंद्र प्रसाद, पवन कुमार और डा. अरुण कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।















