बक्सर, 03 अगस्त (विक्रांत) बिहार के सभी नगर निकायों में 30 जुलाई से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ एवं बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहे आंदोलन के समर्थन में नगर परिषद डुमरांव के सफाईकर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।शनिवार सुबह सभी सफाईकर्मी पुराने नगर परिषद कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए।

यहां से उन्होंने जुलूस निकाला, जो नया थाना, लाला टोली रोड, जवाहिर मंदिर, शीला सिनेमा रोड होते हुए पुनः पुराने नगर परिषद कार्यालय पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान भगवती मंदिर मोड़ और शीला सिनेमा रोड मोड़ पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया, जहां नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की।सभा को महासंघ के सचिव शिव शंकर तिवारी, सीपीआई के वरिष्ठ नेता एवं जिला परिषद सदस्य केदार यादव, भाकपा (माले) नेता सर्वेश कुमार पाण्डेय तथा एटक नेता ओमप्रकाश यादव ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। उनका कहना था कि संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने करीब डेढ़ माह पूर्व ही अपनी मांगों का ज्ञापन सरकार को सौंप दिया था। वहीं स्थानीय स्तर पर भी 30 जून को नगर परिषद कार्यालय में ज्ञापन देकर 30 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। वक्ताओं ने कहा कि नगर निकायों में बढ़ते निजीकरण और आउटसोर्सिंग की व्यवस्था के कारण सफाईकर्मियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एनजीओ और आउटसोर्सिंग प्रणाली कर्मचारियों के शोषण का प्रमुख कारण बन गई है। नेताओं ने मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। सभा में भगवान पासवान, कृष्णा जी, राजेश डोम, अर्जुन बास्फोर, करन बास्फोर, रितेश राम, मिथिलेश राम, राजेश राम, महराज मुसहर, गुड्डू प्रसाद, लक्खी नारायण सहित सैकड़ों सफाईकर्मी मौजूद रहे।














