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जेडीयू में राजपूत राजनीति की जंग तेज, आनंद मोहन के खिलाफ संजय सिंह को मिला नीतीश का खुला समर्थन

पटना, 20 मई (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में इन दिनों जेडीयू के अंदर चल रही खींचतान ने नया मोड़ ले लिया है। सत्ता परिवर्तन के बाद से लगातार पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठा रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन अब खुलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। वहीं पार्टी ने उनके जवाब में एमएलसी संजय सिंह को आगे कर दिया है, जिससे बिहार की राजनीति में नया सियासी संघर्ष शुरू हो गया है। आनंद मोहन लगातार आरोप लगा रहे हैं कि बिहार में टिकट और मंत्री पद करोड़ों रुपये में बांटे गए। एक वायरल वीडियो में उन्होंने यहां तक कह दिया कि कुछ नेताओं ने मिलकर नीतीश कुमार की “राजनीतिक हत्या” कर दी। उन्होंने जेडीयू के कुछ नेताओं को “चंडाल चौकड़ी” बताते हुए पार्टी के अंदर गंभीर साजिश का आरोप लगाया।

इन बयानों के बाद जेडीयू ने भी आक्रामक रुख अपना लिया। एमएलसी संजय सिंह ने आनंद मोहन पर पलटवार करते हुए कहा कि “ऐसा बयान मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति ही दे सकता है।” उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर आनंद मोहन सीसी। सी। को इतनी ही ताकत पर भरोसा है तो वे अपने बेटे और पत्नी का इस्तीफा दिलाकर चुनाव मैदान में उतरें।संजय सिंह ने यह भी याद दिलाया कि जेडीयू नेतृत्व ने बीजेपी की वरिष्ठ नेता रमा देवी की सीट छोड़कर आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को सांसद बनाया था। उन्होंने सवाल उठाया कि तब क्या किसी “थैली” के दम पर टिकट मिला था। विवाद में बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह भी कूद पड़ीं। उन्होंने कहा कि जेडीयू की छवि हमेशा साफ-सुथरी रही है और पार्टी में टिकट बेचने जैसी कोई परंपरा नहीं रही। उन्होंने आनंद मोहन के बयान को पार्टी नेतृत्व की क्षमता को चुनौती देने वाला बताया।इसी बीच मंगलवार को अचानक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पटना स्थित संजय सिंह के आवास पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

इसे आनंद मोहन के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। माना जा रहा है कि जेडीयू नेतृत्व ने यह संकेत दिया है कि पार्टी अपने नेताओं के साथ मजबूती से खड़ी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने जेडीयू के भीतर राजपूत राजनीति को नई धार दे दी है। एक ओर आनंद मोहन अपने पुराने दबदबे के साथ मैदान में हैं, तो दूसरी ओर संजय सिंह अब जेडीयू के नए आक्रामक राजपूत चेहरे के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।

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