नई दिल्ली, 06 मई (अशोक “अश्क”) देश की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनियों में शुमार रिलायंस इंडस्ट्रीज इस महीने अपनी ऑयल रिफाइनरी यूनिट्स को अस्थायी रूप से बंद करने जा रही है। यह शटडाउन नियमित मेंटेनेंस प्रक्रिया का हिस्सा होगा, जिसे सरकार की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, ताकि देश में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित न हो। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि रिफाइनरियों का शटडाउन और रीस्टार्ट होना एक सामान्य तकनीकी प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस बात का विशेष ध्यान रखता है कि सभी रिफाइनरियां एक साथ बंद न हों, जिससे घरेलू आपूर्ति पर कोई असर न पड़े।

सूत्रों के मुताबिक, गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस की विशाल रिफाइनरी जिसकी क्षमता करीब 6.6 लाख बैरल प्रतिदिन है इस एक प्रमुख क्रूड यूनिट और कुछ सहायक इकाइयों को मेंटेनेंस के लिए बंद किया जाएगा। यह शटडाउन इस महीने के अंत में शुरू होकर लगभग 3 से 4 सप्ताह तक चल सकता है। इस बीच नायरा एनर्जी की गुजरात स्थित रिफाइनरी, जो 9 अप्रैल से मेंटेनेंस के कारण बंद थी, जल्द ही दोबारा चालू होने वाली है। माना जा रहा है कि नायरा की यूनिट के चालू होते ही रिलायंस का शटडाउन शुरू किया जाएगा, जिससे सप्लाई चेन संतुलित बनी रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया पहले से तय रणनीति के तहत की जा रही है, ताकि पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पर कोई संकट न आए। हालांकि, बाजार पर हल्का असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा। सरकार और कंपनियां मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि आम जनता को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। ऐसे में यह शटडाउन तकनीकी रूप से जरूरी होते हुए भी आम लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

















