मधुबनी, 14 अक्टूबर (आशीष यादव) प्रखंड क्षेत्र में लगातार हुई बारिश और खेतों में जलजमाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की फसल के बाद अब गन्ने की खेती भी संकट में घिरती नजर आ रही है। कई गन्ने के खेतों में लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण पौधों की जड़ों में सड़न शुरू हो गई है, जबकि कई जगह गन्ना सूखने लगा है। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द जलनिकासी नहीं हुई तो फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान जनार्दन चौधरी, बंगाली प्रसाद, आयुष पांडेय, राजेंद्र चौहान, ब्रह्मा चौधरी और उदय यादव आदि ने बताया कि इस वर्ष बारिश ने खेती की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पानी जमा होने से गन्ने की बढ़वार प्रभावित हो रही है।

वहीं, मजदूरों की कमी के कारण समय पर गन्ने की कटाई, छिलाई और ढुलाई नहीं हो पा रही है। इससे तैयार फसल को खेत से निकालना भी किसानों के लिए चुनौती बन गया है।समय से पहले क्रशर पर बेचने की मजबूरीकिसानों ने बताया कि फसल तैयार होने से पहले ही गन्ने को क्रशर पर बेचने की मजबूरी बन रही है। लंबे समय तक जलजमाव रहने से गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि खेती में लगी लागत भी पूरी नहीं निकल पा रही है, जिससे आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

बारिश के कारण किसानों की समस्या बढ़ने पर प्रखंड कृषि विभाग ने फसल क्षति की जानकारी जिले को भेज दी है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुमित शेखर ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में फसल क्षति की सूचना जिले को दी गई है। विभागीय निर्देश प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
















