बक्सर, 03 अगस्त (विक्रांत) बढ़ते प्रदूषण, गर्म होती धरती और पिघलते ग्लेशियरों के बीच पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देते हुए राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित तरु मित्र एवं ग्रीन एम्बेसडर बिहार उमेश गुप्ता रौनियार ने अपने जन्मदिन को अनोखे अंदाज में मनाया। “प्रकृति बचाओ अभियान” और “जल-जीवन-हरियाली” कार्यक्रम के तहत उन्होंने पौधारोपण कर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर “हर घर तुलसी, घर-घर तुलसी” अभियान के अंतर्गत लोगों के बीच तुलसी के पौधों का वितरण भी किया गया। शहीद मर्द रोड स्थित एक परिसर में आम, अमरूद, अनार, पत्थरचट्टा सहित छायादार, फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया।

उमेश गुप्ता ने कहा कि यह अभियान केवल जन्मदिन तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष के बारहों महीने लगातार चलाया जाता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। यदि समय रहते लोग जागरूक नहीं हुए तो जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएं, पिघलते ग्लेशियर और बढ़ता तापमान मानव अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि पेड़ ही पृथ्वी का हरित कवच और जीवनदायिनी ऑक्सीजन के सबसे बड़े स्रोत हैं। ग्रीन एम्बेसडर ने “खुशी हो या गम, मिलकर पेड़ लगाएं हम” का नारा देते हुए कहा कि असली संपत्ति वृक्ष, जल और जमीन हैं।

विकास की अंधी दौड़ में जंगलों की कटाई, नदियों का प्रदूषण और वायु को विषैला बनाकर इंसान स्वयं अपने भविष्य को संकट में डाल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तभी मानव जीवन, पशु-पक्षी और आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रह सकेंगी।कार्यक्रम में पर्यावरण योद्धा विमलेश कुमार सिंह, शिव प्यारी देवी, चुनचुन गुप्ता, विमल कुमार, वेदप्रकाश, मोहम्मद सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने पौधारोपण कर “वृक्ष लगाओ, वृक्ष बचाओ” का संकल्प लिया और डुमरांव को हराभरा एवं प्रदूषण मुक्त बनाने का आह्वान किया।













