पटना, 07 अगस्त (अविनाश कुमार) पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कथित फायरिंग और लाठीचार्ज के मुद्दे पर बिहार की राजनीति शुक्रवार को गरमा गई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में उन्होंने डीजीपी को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा। डीजीपी से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन उन पर की गई कथित पुलिस कार्रवाई बेहद गंभीर है।

उन्होंने ज्ञापन में सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित रूप से एके-47 जैसे हथियारों से गोली चलाने की नौबत आ गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भीड़ नियंत्रण के लिए निर्धारित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, यदि मानक प्रक्रिया का पालन किया जाता तो स्थिति को बिना हिंसा के नियंत्रित किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। राजद नेता ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे सच्चाई सामने आएगी और छात्रों को न्याय मिल सकेगा।

उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन की कथित मनमानी पर रोक लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता बताई। तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों पर गोली चलाने के आरोपों से घिरे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई नहीं की, तो विपक्ष राज्यव्यापी आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन करेगा। फिलहाल इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।













