समस्तीपुर, 12 अगस्त (हर्षिता “अश्क”) जिले में विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। बुधवार, 12 अगस्त को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने ताजपुर-बख्तियारपुर परियोजना के विभिन्न कार्यस्थलों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, भूमि से जुड़े मामलों और परियोजना के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। लंबित मामलों और कार्यों में आ रही बाधाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं अभियंताओं को आपसी समन्वय से समस्याओं का समाधान कर निर्माण में अपेक्षित तेजी लाने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने परियोजना से जुड़े पदाधिकारियों और अभियंताओं से प्रत्येक स्तर पर चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भूमि संबंधी मामलों और अन्य अड़चनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करते हुए निर्माण कार्य को गति देने की आवश्यकता है। इसके बाद जिलाधिकारी ने गंगा नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्रों का भी जायजा लिया। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर कटाव की मौजूदा स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और नदी के जलस्तर की जानकारी ली। मौके पर चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अभियंताओं से तकनीकी स्थिति और कार्य की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

डीएम ने निर्देश दिया कि गंगा के कटाव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां आवश्यकतानुसार कटाव निरोधक एवं सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं। उन्होंने अभियंताओं को स्थल का नियमित तकनीकी आकलन करने तथा परिस्थितियों में बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कटाव प्रभावित क्षेत्रों में आम लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों और अभियंताओं को लगातार क्षेत्र में निगरानी रखने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में बिना देरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी प्रवीण कुमार, समस्तीपुर सदर एसडीओ राकेश कुमार, पटोरी एसडीओ विकास कुमार पांडेय सहित संबंधित परियोजनाओं के अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करते हुए परियोजनाओं में गति लाने और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में समयबद्ध सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।














