नई दिल्ली, 02 अप्रैल (अशोक “अश्क”) डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान और वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका को इस रास्ते से तेल की कोई जरूरत नहीं है और जो देश इस पर निर्भर हैं, वे इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाएं।

अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका न तो इस मार्ग से तेल आयात करता है और न ही भविष्य में इसकी जरूरत पड़ेगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दुनिया के वे देश, जो होर्मुज के जरिए तेल लेते हैं, उन्हें आगे आकर इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। अमेरिका जरूरत पड़ने पर सहयोग जरूर करेगा, लेकिन नेतृत्व अब अन्य देशों को करना होगा। ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि ईरान को लेकर दी गई उनकी सख्त चेतावनी के पीछे कारण यह था कि कई देश इस मुद्दे पर अमेरिका का खुलकर साथ नहीं दे रहे थे।

उन्होंने ऐसे देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले ही साहस दिखाना चाहिए था। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के लगभग 25 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। भारत जैसे देशों के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी पर निर्भर करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इस मार्ग को अमेरिकी और सहयोगी देशों के जहाजों के लिए बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक शिपिंग पर असर पड़ा है। सैकड़ों जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ट्रंप ने भरोसा जताया कि मौजूदा तनाव खत्म होने के बाद यह मार्ग फिर से खुल जाएगा, लेकिन फिलहाल उनके इस बयान ने मिडिल ईस्ट में संघर्ष और बढ़ने की आशंका को तेज कर दिया है।
















