नई दिल्ली, 02 अप्रैल (अशोक “अश्क”) डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि यदि ईरान नहीं झुका तो अमेरिकी हमले लगातार जारी रहेंगे।

अपने संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि एक महीने पहले शुरू किए गए इस सैन्य अभियान में अमेरिका ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना लगभग नष्ट हो चुकी है, वायु सेना तबाह हो गई है और उसके अधिकांश शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं। साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की कमान भी पूरी तरह चरमरा गई है। ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता में भारी गिरावट आई है और उसके हथियार कारखाने व रॉकेट लॉन्चर बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिए गए हैं।

उन्होंने इसे “इतिहास की सबसे तेज और निर्णायक सैन्य जीतों में से एक” बताया।अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने ईरान परमाणु समझौते को “भारी गलती” करार देते हुए कहा कि तेहरान को नकद मदद देना एक आपदा साबित हुआ।ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरान को किसी भी हाल में परमाणु शक्ति नहीं बनने देगा। उन्होंने ईरानी सरकार को “क्रूर और हिंसक” बताते हुए आरोप लगाया कि उसने हाल ही में अपने ही हजारों नागरिकों को मार डाला। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका को मिडिल ईस्ट के तेल की जरूरत नहीं है, लेकिन वह अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। उन्होंने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना बताते हुए कहा कि “हमारे दुश्मन हार रहे हैं और जीत हमारी होगी। ”ट्रंप के इस आक्रामक संबोधन के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
















