मधुबनी, 04 मई (आशीष राय) बिहार सरकार ने वाहन चालकों को बड़ी राहत देते हुए “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना, 2026” लागू कर दी है, जिसका लाभ अब मधुबनी जिले के लोगों को भी मिलेगा। इस योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक के ऐसे ई-चालान, जिनका भुगतान 90 दिनों से अधिक समय से लंबित है, उन्हें विशेष प्रक्रिया के जरिए निपटाया जाएगा। परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, इन लंबित मामलों का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जाएगा। इससे जिले में वर्षों से लंबित हजारों चालान मामलों के त्वरित निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है।

योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कई मामलों में वाहन चालकों को जुर्माने की पूरी राशि नहीं देनी होगी। कुछ मामलों में निर्धारित चालान का मात्र 50 प्रतिशत भुगतान कर ही मामला खत्म किया जा सकेगा। इससे आम लोगों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है और लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा। वर्तमान में वर्चुअल कोर्ट पूरी तरह सक्रिय नहीं होने के कारण, मधुबनी जिला परिवहन कार्यालय के जरिए ही लोक अदालत में मामलों का निष्पादन किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है और लोगों को इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

प्रमुख उल्लंघनों पर जुर्माने की दरें भी तय हैं बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर 2500 रुपये, ओवरस्पीडिंग पर 1000 से 2000 रुपये, हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने पर 500 रुपये, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करने पर 5000 रुपये, रेड लाइट जंप करने पर 1000 से 5000 रुपये, बिना बीमा वाहन चलाने पर 1000 रुपये और प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होने पर 1000 से 5000 रुपये तक का जुर्माना निर्धारित है। जिला परिवहन पदाधिकारी श्रीराम बाबू ने बताया कि यह योजना उन लोगों के लिए सुनहरा अवसर है, जो समय पर चालान नहीं भर पाए थे। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने लंबित चालान का निपटान कर इस योजना का लाभ उठाएं। यह योजना बिहार गजट में प्रकाशन के पांच कार्य दिवस बाद लागू होगी और पूरे वित्तीय वर्ष 2026-27 तक प्रभावी रहेगी।













