बक्सर, 14 अगस्त (विक्रांत) स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर आंदोलन का केंद्र बन गया। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के राज्यव्यापी आह्वान पर बुधवार से 24 घंटे का सामूहिक अनशन एवं सत्याग्रह शुरू किया गया। आंदोलन का नेतृत्व भाकपा (माले) के जिला सचिव नवीन कुमार, प्रखंड सचिव धर्मेंद्र सिंह, ललन राम, कन्हैया पासवान और अलख नारायण चौधरी ने किया। अनशन में बड़ी संख्या में महादलित, भूमिहीन, किसान, मजदूर, महिलाएं, छात्र और युवा शामिल हुए।सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव नवीन कुमार ने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी हजारों गरीब परिवार जिस जमीन पर वर्षों से बसे हैं, उसका वासगीत पर्चा उन्हें नहीं मिल सका है।

उन्होंने सरकार और प्रशासन पर गरीबों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि भूमिहीनों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंदोलनकारियों ने सभी भूमिहीन परिवारों को पांच-पांच डिसमिल आवासीय भूमि देने, बलहा और तेतरी गांव में वर्षों से बसे मुसहर एवं महादलित परिवारों को पीपीएच एक्ट 1947 के तहत जमीन का पर्चा उपलब्ध कराने तथा बलहा में न्यायालय के आदेश के बावजूद पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा नहीं दिलाने का आरोप स्थानीय प्रशासन पर लगाया।

प्रदर्शनकारियों ने जी ग्राम-जी कानून के तहत रोजगार की गारंटी, उचित मजदूरी, प्रवासी मजदूरों के लिए सुरक्षा कानून, सभी गरीब परिवारों को राशन कार्ड, सरकारी स्कूलों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विकसित करने, होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद करने, माइक्रोफाइनेंस और बैंकों से कर्ज लेने वाली महिलाओं का ऋण माफ करने, बकाया बिजली बिल समाप्त करने तथा रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण की भी मांग की।

अनशन में ललन राम, कन्हैया पासवान, सर्वेश कुमार पांडेय, धनई राम, चंद्रेश सिंह, शिवजी राजभर, शंकर राय, भगवान दास, जाबिर कुरैशी, ऊषा देवी, राजा अंसारी, राधेश्याम शर्मा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।














