पटना, 17 अगस्त (पटना डेस्क) सावन के तीसरे सोमवार को बिहार के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक बिजली का तार गिर गया। करंट के डर और अफरा-तफरी के कारण मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई, जिसमें सात श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इस हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया और श्रद्धा का महापर्व देखते ही देखते मातम में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए लंबी कतारों में खड़े थे। इसी दौरान अचानक बिजली का तार नीचे गिर गया। तार गिरते ही लोगों में भय फैल गया और जान बचाने के लिए श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे।

भगदड़ के दौरान कई महिलाएं और बुजुर्ग भीड़ में दब गए। मौके पर ही सात श्रद्धालुओं ने दम तोड़ दिया, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, दमकल कर्मी और मेडिकल टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। घायलों को आनन-फानन में लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन ने तत्काल भीड़ को नियंत्रित कर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास किया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बिजली का तार किन परिस्थितियों में टूटा या नीचे गिरा। सावन के पवित्र महीने में हुए इस भीषण हादसे से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। शुरुआती जानकारी के आधार पर राहत कार्य जारी है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।













