नालंदा, 08 मई (अविनाश पांडेय) बिहार की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सड़क हादसों पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बनाने के लिए परिवहन विभाग जल्द ही इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत प्रमुख सड़कों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और दुर्घटना संभावित चौराहों पर एआई तकनीक से लैस स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखेंगे।नालंदा जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य परिवहन आयुक्त के निर्देश पर जिले में ऐसे ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की जा रही है, जहां सड़क हादसे सबसे ज्यादा होते हैं।

इसके अलावा उन प्रमुख मार्गों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जहां वाहनों का दबाव अधिक रहता है और लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन सामने आता है। अधिकारियों के अनुसार, आईटीएमएस लागू होने के बाद यातायात व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित हो जाएगी। चिह्नित स्थानों पर लगाए जाने वाले हाईटेक सीसीटीवी कैमरे वाहनों की गति, रेड लाइट जंप, गलत लेन में चलने और अन्य नियम उल्लंघनों पर पैनी नजर रखेंगे। खास बात यह है कि ये कैमरे वाहन चालकों के चेहरे की पहचान करने में भी सक्षम होंगे। इससे किसी दुर्घटना या आपराधिक घटना के बाद आरोपियों तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा।

नियम तोड़ते ही स्वतः ई-चालान जारी हो जाएगा और संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इससे बिना सड़क पर मौजूद हुए भी यातायात पुलिस लापरवाह चालकों पर प्रभावी नियंत्रण रख सकेगी।परिवहन विभाग का मानना है कि इस स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम के लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनेगी। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में यह व्यवस्था बिहार में सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।
















