पटना, 27 अक्टूबर (पटना डेस्क) अब ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों की पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। विज्ञान, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक की दुनिया से उन्हें जोड़ने के लिए कटिहार में बड़ी पहल की गई है। नीति आयोग, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित ‘जिलाधिकारी छात्र संवाद’ के तहत जिले में ‘रोबोशाला’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस पहल से ग्रामीण छात्रों को तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने का अवसर मिलेगा। इसी कड़ी में मंगलवार को कोढ़ा प्रखंड के सादलपुर कला स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने विद्यालय में नवनिर्मित अत्याधुनिक प्रयोगशाला कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें नई तकनीक सीखने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी।

रोबोशाला कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को कोडिंग, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकी गतिविधियों से जोड़ना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित की जाएगी। प्रयोगशाला में तकनीकी गतिविधियों के जरिए बच्चे विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण विद्यार्थियों को अक्सर आधुनिक तकनीक से जुड़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में रोबोशाला की शुरुआत को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे बच्चों को नए प्रयोग करने, अपनी जिज्ञासा को विकसित करने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

डीएम आशुतोष द्विवेदी ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए नई तकनीकों के साथ प्रयोग करने और सवाल पूछने की आदत विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनकी क्षमताओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।जिला प्रशासन को उम्मीद है कि रोबोशाला कार्यक्रम से कटिहार के ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और उनके सर्वांगीण विकास को गति देने में मदद मिलेगी।













