मधुबनी, 10 अगस्त (आशीष यादव) झंझारपुर और फुलपरास अनुमंडल में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपराध समीक्षा बैठक में झंझारपुर एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा और फुलपरास एसडीपीओ अमित कुमार ने अंचल निरीक्षकों एवं सभी थानाध्यक्षों के साथ लंबित मामलों, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन तथा अनुसंधान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि पुलिसिंग में किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में सभी थानों को ई-साक्ष्य एप का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का निर्देश दिया गया। छापेमारी, तलाशी, जब्ती और बयान दर्ज करने के दौरान फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूती मिले और न्यायालय में साक्ष्य अधिक विश्वसनीय बन सकें।

अधिकारियों ने हत्या, लूट और अन्य गंभीर मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) तथा कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित एंटी-क्राइम वाहन जांच अभियान चलाने, सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन करने और श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में बीएनएसएस की धारा 126/135 के तहत त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया।समीक्षा में झंझारपुर अनुमंडल का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। यहां दर्ज 194 मामलों के मुकाबले 221 मामलों का निष्पादन कर 113.91 प्रतिशत क्लियरेंस रेट हासिल किया गया। झंझारपुर, भैरवस्थान और भेजा थाना के कार्यों की सराहना की गई।

हालांकि अररिया संग्राम थाना का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहने पर थानाध्यक्ष को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। यहां 18 मामलों में केवल 12 का निष्पादन हुआ और क्लियरेंस रेट 66.66 प्रतिशत रहा।वहीं फुलपरास अनुमंडल में 209 मामलों के विरुद्ध 277 मामलों का निष्पादन कर 132.53 प्रतिशत क्लियरेंस रेट दर्ज किया गया। फुलपरास, लौकहा और ललमनिया थाना के बेहतर कार्य की प्रशंसा की गई। घोघरडीहा थाना का प्रदर्शन कमजोर रहने पर वहां के थानाध्यक्ष को भी शो-कॉज जारी करते हुए सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहन और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।













