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EWS अभ्यर्थियों को बड़ी राहत: अब एक साल तक मान्य रहेगा प्रमाणपत्र, बार-बार नवीनीकरण की झंझट खत्म

पटना, 18 जून (अविनाश कुमार) बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लाखों छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए प्रमाणपत्र की वैधता अवधि में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार अब ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र निर्गत होने की तिथि से पूरे एक वर्ष तक मान्य रहेगा। इस फैसले के बाद वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर प्रमाणपत्र की वैधता स्वतः खत्म होने की पुरानी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। बुधवार को जारी आदेश में राज्य सरकार ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी), विभिन्न चयन आयोगों, पर्षदों और प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन करने वाली सभी संस्थाओं को नए नियम का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

माना जा रहा है कि इस निर्णय से लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी प्रशासनिक राहत मिलेगी। अब तक राज्य में ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी होने के बाद अगले वर्ष 31 मार्च तक ही वैध माना जाता था। इसके कारण वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही प्रमाणपत्र की वैधता खत्म हो जाती थी। ऐसे में कई अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया के दौरान नया प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार भर्ती और परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने से उम्मीदवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।नई व्यवस्था के तहत अब प्रमाणपत्र की वैधता किसी वित्तीय वर्ष से नहीं, बल्कि उसके निर्गत होने की वास्तविक तिथि से तय होगी। यानी जिस दिन प्रमाणपत्र जारी होगा, उसी दिन से अगले 12 महीने तक वह प्रभावी रहेगा।

अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नौकरियों और विभिन्न शैक्षणिक प्रवेश प्रक्रियाओं में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे न केवल छात्रों और युवाओं को राहत मिलेगी, बल्कि प्रमाणपत्र सत्यापन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता एवं सुगमता आएगी।सरकार के इस फैसले को ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद दस्तावेजी परेशानियां कम होंगी और भर्ती एवं प्रवेश प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी।

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