पटना, 22 सितम्बर (अविनाश कुमार) बिहार में बीपीएससी (BPSC) के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। राज्य में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE)-1, TRE-2 और TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों के शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक और अन्य प्रमाण-पत्रों की गहन जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विभागीय निर्देश के बाद जिलों में दस्तावेज जुटाने और उनके सत्यापन की कार्रवाई शुरू हो गई है। डीईओ ने बीईओ को भेजा पत्रविभाग के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने सभी प्रखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को पत्र भेजकर संबंधित शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति जल्द उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक और नियुक्ति से जुड़े अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं।

लंबित प्रमाण-पत्रों की होगी पड़तालदरअसल, शिक्षक भर्ती के अलग-अलग चरणों में नियुक्त अभ्यर्थियों की अर्हता जांच के निर्देश पहले भी दिए गए थे। हालांकि, कई शिक्षकों के प्रमाण-पत्र अब तक विभागीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हो सके थे। अब लंबित दस्तावेजों को जुटाकर सत्यापन की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।जांच के दौरान शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के साथ टीईटी/सीटीईटी पासिंग सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण-पत्र और निवास प्रमाण-पत्र का मिलान किया जाएगा। आरक्षण का लाभ लेने वाले शिक्षकों से संबंधित दस्तावेजों के साथ नियुक्ति पत्र का भी सत्यापन किया जाएगा।

शिक्षकों में नाराजगीदूसरी ओर, दोबारा दस्तावेज जांच को लेकर कई शिक्षकों में नाराजगी और संशय है। शिक्षकों का कहना है कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया से पहले ही उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा चुका था। ऐसे में फिर से व्यापक स्तर पर प्रमाण-पत्रों की जांच को लेकर शिक्षक सवाल उठा रहे हैं।

















