बक्सर, 02 सितम्बर (विक्रांत) भारतीय रेलवे द्वारा 2 सितंबर से बक्सर–दीनदयाल उपाध्याय फास्ट पैसेंजर ट्रेन संख्या 03287/03288 का पुनः संचालन शुरू किए जाने के बीच चौसा रेलवे स्टेशन पर ठहराव नहीं मिलने से स्थानीय यात्रियों और क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। चौसा रेलवे यात्री संघर्ष मोर्चा ने रेलवे के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए तत्काल ठहराव बहाल करने की मांग की है। मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार यादव ने कहा कि ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखने वाला चौसा रेल सुविधाओं के मामले में लगातार उपेक्षित है। क्षेत्र में 1320 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट होने के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों का आवागमन होता है।

इसके बावजूद महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि कोरोना काल से पहले इस फास्ट पैसेंजर ट्रेन का चौसा स्टेशन पर नियमित ठहराव था। कोरोना के बाद परिचालन शुरू होने पर चौसा का ठहराव समाप्त कर दिया गया। यात्रियों की जरूरत और क्षेत्र की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए इसे पुनः बहाल करना जरूरी है। डॉ. यादव ने बताया कि चौसा में ट्रेन ठहराव की मांग को लेकर मोर्चा पूर्व में धरना-प्रदर्शन भी कर चुका है, लेकिन अब तक रेलवे की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि चौसा को उसका वाजिब रेल हक मिलना चाहिए।मोर्चा ने पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक, दानापुर से ट्रेन संख्या 03287/03288 का चौसा स्टेशन पर तत्काल ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। मोर्चा ने कहा कि आंदोलन की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।


















