पटना, 29 अगस्त (अविनाश कुमार) बिहार में गंगा के उफान से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा है, लेकिन दियारा और निचले तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी अब भी जमा है। खेतों में पानी भरने से कई एकड़ फसल बर्बाद होने की सूचना है। बाढ़ नियंत्रण विभाग की शुक्रवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार मनेर में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर घटकर 52.12 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि यह अब भी खतरे के निशान 52 मीटर से 12 सेंटीमीटर ऊपर है। दीघा घाट पर भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब बना हुआ है। यहां जलस्तर 50.47 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर अधिक है।

गांधी घाट पर पिछले तीन दिनों में जलस्तर करीब 30 सेंटीमीटर नीचे आया है, बावजूद इसके नदी अब भी खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां जलस्तर 49.28 मीटर दर्ज किया गया। तीनों प्रमुख स्थानों पर लगातार गिरावट से प्रशासन को राहत मिली है।दियारा में अब भी पानी का कब्जा जलस्तर घटने के बावजूद खुसरूपुर के दियारा इलाके की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। गंगा का पानी घाट से एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक फैलकर बैकुंठ धाम मंदिर के समीप पहुंच गया है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। जलस्तर कम होने के बाद भी खेतों से पानी निकलने में समय लगने की आशंका है।दानापुर के तटवर्ती इलाकों में पानी धीरे-धीरे निकल रहा है। बख्तियारपुर में स्थिति सामान्य बताई गई है, जबकि मोकामा में जलस्तर में मामूली वृद्धि के बावजूद हालात नियंत्रण में हैं।

कोइलवर में सोन नदी का जलस्तर 52.80 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 55.52 मीटर से नीचे है और लगातार घट रहा है। पुनपुन के श्रीपालपुर में जलस्तर 49.10 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 1.50 मीटर नीचे है। यहां स्थिति स्थिर है। हालांकि अरवल के किंजर में पुनपुन का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे दक्षिणी पटना के निचले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। तटबंधों और प्रभावित क्षेत्रों पर विभाग की निगरानी लगातार जारी है।













