बक्सर, 28 अगस्त (विक्रांत) जिला पदाधिकारी बक्सर श्रीमती साहिला ने गुरुवार की रात अनुमंडलीय अस्पताल, डुमरांव का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत परखी। अचानक डीएम के अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकीय व्यवस्था, साफ-सफाई, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, एम्बुलेंस सेवा तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। व्यवस्थाओं में लापरवाही और अपेक्षित कार्यप्रणाली नहीं मिलने पर डीएम ने प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की जानकारी मरीजों और उनके परिजनों को आसानी से मिल सके, इसके लिए दवाओं की उपलब्धता का डिजिटल डिस्प्ले सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल के प्रवेश द्वार पर स्ट्रेचर की पर्याप्त उपलब्धता रखने तथा मरीजों की सहायता के लिए “May I Help You” काउंटर संचालित करने को कहा।डीएम ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ड्यूटी रोस्टर को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। साथ ही अस्पताल में आरओ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शौचालयों को स्वच्छ और सुचारु स्थिति में रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मरीजों को मिलने वाली प्रत्येक सुविधा की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कुछ व्यवस्थाओं में अपेक्षित स्तर की कार्यप्रणाली नहीं मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके अलावा जिला पदाधिकारी ने अस्पताल में पीकू (PICU) सुविधा जल्द शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल की स्वच्छता, दवा उपलब्धता, एम्बुलेंस सेवा और मरीजों की सुविधाओं पर विशेष निगरानी रखने को कहा। डीएम के औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर संबंधित कर्मियों में सक्रियता बढ़ गई है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।














