पटना, 26 अगस्त (पटना डेस्क) कभी बदलाव की कहानी में महज सहभागी मानी जाने वाली महिलाएं आज भागलपुर के प्रशासनिक तंत्र में नेतृत्वकर्ता की भूमिका में मजबूती से उभर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला समानता दिवस के मौके पर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नई तस्वीर पेश कर रही है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय के नेतृत्व में शीर्ष प्रशासनिक पदों से लेकर प्रखंड और अंचल स्तर तक महिला अधिकारी जिम्मेदारियों का कुशलता से निर्वहन कर रही हैं।राजस्व, ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण, बाल संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में महिला अधिकारियों की सक्रिय भूमिका दिखाई दे रही है। योजनाओं की निगरानी, आम लोगों की समस्याओं के समाधान और विभागीय समन्वय में उनकी कार्यशैली का असर धरातल पर भी नजर आ रहा है।

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के साथ सुल्तानगंज में लेजर शो का आयोजन प्रशासन की नई सोच का उदाहरण बना। परंपरा और आधुनिक तकनीक के इस मेल ने आयोजन को नया आकर्षण दिया। बाढ़ में दिखा साहस, नाव से पहुंचीं अधिकारी गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महिला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद रखने की अवधि बढ़ाने का निर्णय जनसुरक्षा की प्राथमिकता को दर्शाता है। दियारा क्षेत्रों की लगातार निगरानी के साथ डीएम समेत महिला अधिकारियों ने नाव से जलमग्न इलाकों में पहुंचकर हालात का जायजा लिया और राहत कार्यों को लेकर मौके पर निर्देश दिए।

जिले की कमान डीएम अलंकृता पांडेय के हाथों में है। अपेक्षा मोदी प्रभारी पदाधिकारी जिला लोक सूचना शाखा सह डीसीएलआर सदर, अंकिता चौधरी ओएसडी जिला गोपनीय शाखा एवं राजस्व पदाधिकारी तथा सोनाली वरीय उप समाहर्ता के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सुभाषिनी प्रसाद स्थापना कोषांग सह जिला प्रमाणपत्र पदाधिकारी हैं।लोक शिकायत निवारण में डॉ. मीनाक्षी, बैजन्ती और सोनी कुमारी सक्रिय हैं। ICDS में अनुपमा कुमारी, बाल संरक्षण में बेबी रानी, पशुपालन में डॉ. अंजली कुमारी, उद्यान में मधु प्रिया, उद्योग केंद्र में खुशबू सिंह और आईटी में पुनम कुमारी जिम्मेदारी निभा रही हैं।अंचल स्तर पर अदिति रंजन, दिव्या कुमारी और डॉ. हर्षा कोमल तथा बीडीओ के रूप में मोनी कुमारी सोनी, शालिनी कुमारी और प्रियंका कुमारी प्रशासनिक दायित्व संभाल रही हैं। भागलपुर में महिला नेतृत्व अब प्रतीक नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रभावी चेहरा बनता जा रहा है।













