बक्सर, 24 अगस्त (विक्रांत) जर्जर सड़कों के खिलाफ डुमरांव में आंदोलन अब धीरे-धीरे उग्र रूप लेने लगा है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर सामाजिक संस्था स्वयं शक्ति पिछले पांच दिनों से आंदोलन कर रही है। पिछले दो दिनों से आंदोलनकारियों ने इसे भूख हड़ताल में बदल दिया है। इसी बीच सोमवार को आक्रोशित ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने नया थाना मोड़ के पास एनएच-120 को घंटों जाम कर दिया। सड़क की बदहाली और निर्माण शुरू नहीं होने से नाराज चालकों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। टेंडर रद्द होते ही भड़का आक्रोश डुमरांव शहर से गुजरने वाले बिहारशरीफ-डुमरांव एनएच-120 के पुनर्निर्माण की उम्मीद एक बार फिर टूट गई है।

करीब 25 वर्ष पहले बनी इस सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्सों के कारण वाहन चालकों के साथ पैदल यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। सड़क की बदहाली का असर शहर के कारोबार पर भी पड़ रहा है। सड़क निर्माण के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 18.89 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, जबकि अनुमानित निविदा लागत करीब 17.70 करोड़ रुपये थी। लेकिन विभागीय स्तर पर टेंडर रद्द होने के बाद योजना फिर अधर में लटक गई। 10 दिन में ही खोल दिया गया था टेंडर जानकारी के अनुसार 20 जुलाई को एनएच डिवीजन गया ने ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की थी। इसके महज 10 दिन बाद एक अगस्त को निविदा खोल दी गई। 12 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई टेंडर मूल्यांकन समिति की बैठक में इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं पाया गया।

समिति ने निविदा आमंत्रण और खोलने के बीच पर्याप्त समय नहीं दिए जाने को गंभीर खामी माना। इसके बाद पूरी प्रक्रिया निरस्त कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से टेंडर कराने का आदेश दिया गया।पहले अक्टूबर-नवंबर तक निर्माण शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन अब री-टेंडरिंग में दो-तीन महीने लगने की संभावना है। जुलाई 2025 में करीब 1.30 करोड़ रुपये में कराया गया पैचवर्क भी कई जगह फिर उखड़ चुका है।48 घंटे का अल्टीमेटम स्वयं शक्ति ने एनएच-120 के साथ जंगली शिव रोड और राज हाई स्कूल मैदान के जीर्णोद्धार की मांग भी उठाई है। संस्था ने चेतावनी दी है कि 48 घंटे में स्पष्ट घोषणा नहीं हुई तो भूख हड़ताल को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा।उधर, ऑटो और ई-रिक्शा चालक भी आंदोलन तेज करने की तैयारी में हैं। चालकों का कहना है कि गड्ढों के कारण वाहनों को लगातार नुकसान हो रहा है और दुर्घटना का खतरा बना है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो शहर में ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन बंद किया जा सकता है।














