बक्सर, 24 अगस्त (विक्रांत) शहर समेत आसपास के इलाके में बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। डुमरांव के 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र में हाल ही में स्थापित 80 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर अचानक तकनीकी खराबी के कारण फेल हो गया है। इसके बाद डुमरांव शहर सहित सिमरी, चक्की, केसठ, नावानगर, प्रतापसागर, दलसागर, एकरासी, मुरार, कोरानसराय, चौगाईं और ढकाईच समेत कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है। दिनभर बिजली की आंख-मिचौली और लंबी कटौती से गर्मी-उमस के बीच आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानकारी के अनुसार डुमरांव ग्रिड क्षेत्र में बिजली की कुल मांग करीब 100 मेगावाट है, जबकि ट्रांसफार्मर में खराबी आने के बाद आपूर्ति क्षमता घटकर महज 45 मेगावाट रह गई है।

मांग के मुकाबले आधे से भी कम बिजली उपलब्ध होने के कारण विभाग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर आपूर्ति कर रहा है। इस वजह से अलग-अलग इलाकों में बार-बार बिजली कटौती हो रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिजली विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत महाराजगंज ग्रिड से भी आपूर्ति लेना शुरू किया है। हालांकि अतिरिक्त स्रोत से मिल रही बिजली भी मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों के अनुसार अधिकतम आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, बीएसपीटीसीएल संचरण जोन के जीएम दीपक कुमार झा ने डुमरांव ग्रिड का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तकनीकी टीम के साथ बैठक कर खराबी को जल्द दूर करने का निर्देश दिया।

विभाग के अनुसार ट्रांसफार्मर में आई खराबी जटिल प्रकृति की है। करीब 8.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस ट्रांसफार्मर का उद्घाटन छह सितंबर 2025 को हुआ था। दिल्ली से पहुंची विशेषज्ञ टीम खराबी की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली से विशेष तकनीकी टीम भी बुलाई गई है। टीम फॉल्ट का कारण पता लगाने में जुटी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार ट्रांसफार्मर को पूरी तरह दुरुस्त करने में 10 से 15 दिन लग सकते हैं। ऐसे में लोगों को फिलहाल बिजली संकट से राहत मिलने में समय लगने की आशंका है।लगातार ट्रिपिंग से किसानों की सिंचाई, दुकानदारों और व्यवसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। दोनों सहायक विद्युत अभियंता आरके दुबे और अर्जुन वर्मा लगातार निगरानी कर रहे हैं। विभाग का दावा है कि तकनीकी टीम दिन-रात काम कर रही है और जल्द से जल्द आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास जारी है।














