पटना, 19 अगस्त (अविनाश कुमार) सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित फायरिंग की घटना को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राजधानी पटना में विशाल विरोध मार्च निकाला। गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू हुए इस मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा, बैनर और विरोधी पोस्टर लेकर शामिल हुए तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरे इलाके में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म नजर आया। विरोध मार्च को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। मार्च के निर्धारित मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। संवेदनशील चौराहों पर लाठी और इंसास राइफल से लैस जवानों को लगाया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

पुलिस प्रशासन लगातार पूरे मार्च पर नजर बनाए रहा। इस बीच इनकम टैक्स चौराहे के पास सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। भारी वाहनों के दबाव के चलते करीब आधे घंटे तक भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के समीप जिलाधिकारी, एसएसपी और आईआरएस अधिकारी के वाहन जाम में फंसे रहे। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों के वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पहले ही कार्यकर्ताओं और युवाओं से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए छात्रों के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

करीब पांच किलोमीटर लंबा यह विरोध मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए राजभवन की ओर बढ़ा। मार्च के समापन पर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की तैयारी की। प्रतिनिधिमंडल ने सीवान फायरिंग मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया।













