मधुबनी, 19 अगस्त, (आशीष यादव) झंझारपुर के बाद अब मधुबनी जिला मुख्यालय के समीप एक और भव्य मिथिला हाट बनाने की तैयारी तेज हो गई है। बसुआड़ा मौजा में करीब 24 एकड़ भूमि अधिग्रहित कर ली गई है और आवश्यक दस्तावेज जिला प्रशासन को भेज दिए गए हैं। प्रस्तावित परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के धरातल पर उतरने से मिथिलांचल में पर्यटन, रोजगार और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, खतियान, नजरी नक्शा, अंचल कर्मी की रिपोर्ट तथा अनापत्ति प्रमाणपत्र एक अगस्त को जिलाधिकारी को भेज दिए गए हैं। अब जिलाधिकारी की ओर से एनओसी जारी होने के बाद प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा जाएगा।

मधुबनी विधायक माधव आनंद ने बताया कि उन्होंने झंझारपुर की तर्ज पर इस परियोजना का प्रस्ताव विभाग को दिया था और विधानसभा में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। प्रस्तावित स्थल पर लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में पोखर और खाली जमीन है। योजना के तहत तालाब का सौंदर्यीकरण कर बोटिंग, म्यूजिकल फाउंटेन, आकर्षक लाइटिंग और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही इसे प्रस्तावित रिंग रोड से जोड़ने की भी तैयारी है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही और आसान होगी। झंझारपुर स्थित मिथिला हाट आज मिथिलांचल की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

इसी मॉडल पर बनने वाला नया मिथिला हाट स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। यहां मिथिला पेंटिंग, लोक संस्कृति, फूड कोर्ट, मनोरंजन और पारिवारिक पर्यटन की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।इधर, रहिका अंचल में डिजिटल तारामंडल स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर तथा परीक्षा भवन के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन का मानना है कि इन तीनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूरा होने से मधुबनी शिक्षा, पर्यटन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।













