बक्सर, 14 अगस्त (विक्रांत) 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर देशभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आया। गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हर घर तिरंगा : तिरंगा यात्रा–2026 अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा लिए सैकड़ों शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और एनएसएस स्वयंसेवक राष्ट्रभक्ति के नारों के बीच आगे बढ़े तो पूरा परिसर तिरंगामय हो उठा। यह अभियान 9 से 17 अगस्त तक देशभर में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस तथा राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

तिरंगा यात्रा का नेतृत्व विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति ने किया। उनके साथ सभी अधिष्ठाता, निदेशक एवं विभिन्न संकायों के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बिहार कृषि महाविद्यालय (बीएसी), कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (सीएबीटी) तथा कृषि-व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय (सीएबीएम) के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और एनएसएस स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा में भाग लेकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के अद्वितीय त्याग और बलिदान को नमन करते हुए देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश दिया।
वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रध्वज नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, गौरव और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। इस अवसर पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका को भी याद किया गया, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों में आजादी की अलख जगाई थी।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार ने विकसित भारत के निर्माण, आत्मनिर्भर राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने तथा में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सामूहिक संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना भी है।

तिरंगा यात्रा के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने स्वतंत्रता, एकता, अखंडता, शांति और राष्ट्रीय प्रगति के मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे “हर घर तिरंगा” अभियान से जुड़कर अपने घरों, संस्थानों और कार्यस्थलों पर गर्व के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्रीय गौरव के इस महापर्व में सक्रिय भागीदारी निभाएं। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि तिरंगा देश के गौरवशाली अतीत, वर्तमान जिम्मेदारियों और विकसित भारत के उज्ज्वल भविष्य का सबसे बड़ा प्रतीक है।














