बक्सर, 08 अगस्त (विक्रांत) ग्रामीण विकास की तस्वीर बदलने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के निर्देश पर शनिवार को बक्सर में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G RAM-G) Act, 2025 को लेकर जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में भव्य पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त श्रीमती निहारिका छवि ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों को नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के प्रावधानों, उद्देश्यों और प्रभावी क्रियान्वयन से अवगत कराना था।

सम्मेलन में अधिकारियों ने बताया कि VB-G RAM-G Act, 2025 अब देश में वर्षों से संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का स्थान ले चुका है। यह नई व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है और इसे ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया गया।अधिकारियों ने जानकारी दी कि नई योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान में ₹300 प्रतिदिन प्रति श्रमिक की मजदूरी दर अधिसूचित किए जाने की जानकारी भी दी गई।

यदि किसी पात्र परिवार को काम मांगने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो उसे नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता देने का भी स्पष्ट प्रावधान रखा गया है।सम्मेलन में बताया गया कि इस योजना का मुख्य फोकस जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियों, सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण तथा मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने वाले कार्यों पर रहेगा। विभिन्न योजनाओं के कन्वर्जेंस के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देने और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा। यह भी बताया गया कि केंद्र प्रायोजित इस महत्वाकांक्षी योजना में केंद्र और राज्य सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी 60:40 होगी।

राज्यवार मानक आवंटन (Normative Allocation) केंद्र सरकार वस्तुनिष्ठ मानदंडों के आधार पर तय करेगी, जबकि अतिरिक्त वित्तीय भार संबंधित राज्य सरकार वहन करेगी। उप विकास आयुक्त श्रीमती निहारिका छवि ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील की कि वे योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी पात्र परिवार इसके लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। सम्मेलन में सभी प्रतिभागियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जनजागरूकता का संकल्प लिया।














